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करौली कोरोना का भय लोगों के मन में घर चुका है। रविवार को करौली जिले कमे मंडावरा रोड के रेलफाटक के पास एक परिवार के 3 सदस्यों ने हाथ की नस काट ली। वह भी बेटे की मौत की झूठी सूचना पर। पड़ोसियों ने कुंदी तोड़कर तीनों को बचा लिया। डीएसपी किशोरीलाल ने बताया कि लखनलाल व उसके बड़े बेटे देवेन्द्र की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने 15 अप्रैल की रात को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था।
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उसी रात लखनलाल की मौत हो गई, जबकि देवेन्द्र की हालत गंभीर होने पर उसे कोरोना संभावित मानते हुए जयपुर रेफर किया गया। जयपुर के वैशाली नगर में एक निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। हालांकि, उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई।
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गंभीर होने पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कहकर रुपए लाने को कहा। शनिवार को छोटा भाई ऑपरेशन के लिए रुपए लेने हिंडौन आया था। इस बीच छोटे भाई को किसी परिचित ने फोन कर देवेन्द्र की कोरोना से मौत की झूठी खबर दे दी थी। सदमे में रविवार सुबह छोटे भाई ने 56 वर्षीय मां और बहन के साथ ब्लेड से हाथ की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया।
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बताया जा रहा है कि नस काटने से पहले नशे की गोलियां भी ली थी ताकि नस काटते समय दिक्कत नहीं हो। परिवार के लोग लखनलाल की मौत को कोरोना से होना मान रहे थे, हालांकि उनकी कोई जांच नहीं हुई थी।
बेटे की कोरोना से मौत की झूठी खबर पर मां, बहन-भाई ने हाथ की नस काटी
