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बीकानेर सहित राज्यभर में एक बार फिर लॉकडाउन लगाने को राज्य सरकार ने भले ही जन अनुशासन पखवाड़े का नाम दिया है लेकिन हकीकत यह है कि जन का इसमें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। सड़कों पर भारी भीड़ है, कोटगेट और केईएम रोड पर तो जाम लगने जैसे हालात नजर आ रहे हैं। स्थिति यह है कि किराना व सब्जी मंडियों में तो भारी भीड़ उमड़ रही है।
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दो दिन के वीकेंड कर्फ्यू के बाद सोमवार को सड़कों पर आवाजाही बहुत तेज गति से बढ़ी। पुलिस ने भी किसी को रोका और टोका नहीं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग बेवजह ही इधर से उधर घूमते नजर आए। एक बार फिर महिलाएं बच्चों के साथ गंतव्य की ओर जा रही है।
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कोटगेट से सार्दुल सिंह सर्किल के बीच दुकानें तो सभी बंद थी लेकिन लोगों की आवाजाही जमकर थी। हालात यह थे कि क्रासिंग के आसपास जाम के हालात बन गए। फड़ बाजार में अधिकांश किराने की दुकानें है, जहां लोगों ने जमकर खरीददारी की। यह बाजार किराने और सब्जी का है, ऐसे में यहां नब्बे फीसदी दुकानें खुली थी। ग्राहकों की संख्या भी काफी रही। आगे लॉकडाउन सख्त होने की आशंका के बीच खरीददारी जमकर की गई। जस्सूसर गेट पर भी किराने और सब्जी की दुकानें खुली रही। यहां भी कोरोना गाइड लाइन की पालना नहीं हो रही थी। इसी मार्ग पर दवाओं की दुकानें भी काफी संख्या में है।
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अब होगी सख्ती : कलक्टर
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उधर, जिला कलक्टर नमित मेहता ने पत्रकारों के साथ संवाद करते हुए कहा कि जिले में जल्द ही सख्ती भी नजर आएगी। सोमवार को सड़कों पर नजर आई भीड़ से नाराज कलक्टर ने कहा कि जो बिना वजह और अत्यावश्यक कार्य के बाहर जा रहे हैं, उनके चालान काटे जायेंगे। पुलिस भी सख्त नजर आएगी। पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा ने कहा कि जिन बाजारों में ज्यादा भीड़ रहेगी, वहां पुलिस बल बढ़ाया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभी बीकानेर में हर नोके पर पुलिसकर्मी तैनात है। कोविड गाइड लाइन की पालना अब सख्ती से लागू होगी।
जन अनुशासन पखवाड़े के पहले दिन सड़कों पर भीड़, जन का कोई सहयोग नहीं आया नजर, कल से प्रशासन करेगा सख्ती
