- बीकानेर
- पिछले लंबे समय से शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति बदहाल हैं .निरंतर बड़ी अपराधिक घटनाएं घटने के बाद अपराधियों की गिरफ्तारी न होना चिंताजनक विषय है । अभी 3 दिन पहले ही शहर के दो व्यवसायियों के घर और गाड़ी पर फायरिंग की घटना भी इसी कड़ी में हुई है। इस संबंध में क्रमवार निम्न बिंदु आपके ध्यान में लाए जाने आवश्यक हैं ।-
1 . बेरोकटोक सट्टेबाजी – बीकानेर शहर में जुए और सट्टे की घटनाएं निरंतर बढ़ रही हैं । क्रिकेट इत्यादि के सट्टे का बड़ा बाजार बीकानेर स्थापित हो चुका है । इस पर प्रभावी रोकथाम के लिए पुलिस के कोई इंतजाम नहीं है । यहां तक कि अभी हुए टी-20 मैच के दौरान भी बीकानेर जैसे शहर में बड़ी संख्या में सट्टेबाजी की घटनाएं होती हैं वहां कोई प्रभावी कार्रवाई न होना यह बताता है कि पुलिस सट्टेबाजी को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है । बेरोकटोक चल रही सट्टेबाजी के चलते शहर के युवा वर्ग बड़ी संख्या में सट्टे की लत के शिकार हो गए हैं और जिसके चलते शहर में बड़े अपराध बढ़ रहे हैं ।
2. अवैध हथियारों का चलन – पिछले कई सालों से बीकानेर में अवैध हथियारों का चलन बढ़ा है, जिसके चलते कई बार फायरिंग की घटनाएं हो रही हैं । कुछ वर्ष पहले बीकानेर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक प्रभावी अभियान चलाया था । ऐसे में एक बार फिर बीकानेर शहर में अवैध हथियारों के खिलाफ प्रभावी अभियान की सख्त आवश्यकता है । बीकानेर में होने वाले अपराधों में अधिकतर मामलों में इन अवैध हथियारों का प्रयोग होता है। बीकानेर शहर में अवैध हथियारों का व्यापार करने वाले अपराधी पुलिस के यहां लिस्टेड हैं । बावजूद इसके उन पर प्रभावी कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि जिला पुलिस अवैध हथियारों की बिक्री को लेकर भी गंभीर नहीं हैं।
4. नशीले वस्तुओं का व्यापार – पिछले कई वर्षों से बीकानेर शहर में अवैध नशीली वस्तुओं के व्यापार की वृद्धि हुई है ।जॉइंट के नाम से जाने वाली गांजे की सिगरेट सभी पान की दुकानों पर खुलेआम धड़ल्ले से बिक रही है। इसके अलावा भी गंभीर प्रवृत्ति के नशे की सामग्री की बिक्री बेरोकटोक जारी है। नशे के आदी हो चुके नौजवान स्वभाविक रूप से अपराध की तरफ अग्रसर होते हैं ।
5 .सूदखोरों का चक्रव्यूह – शहर में बड़ी संख्या में सूदखोरों का नेटवर्क बढ़ गया है। ₹5 सैकड़ा से लेकर ₹20 सैकड़ा तक की ब्याज की वसूली यह सूदखोर करते हैं जो बड़े अपराध का कारण बनते हैं । बीकानेर पुलिस इन सूदखोरों के मामले में भी बिल्कुल गंभीर नहीं हैं जबकि शहर में इन सूदखोरों से परेशान होकर कई युवा व्यवसाई और बेरोजगार युवक आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुए हैं । बावजूद इसके पुलिस द्वारा किसी भी तरह की सूदखोरी से संबंधित घटनाओं पर लगाम लगाए जाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा ।
6.ब्लैक मेलिंग की घटनाएं – शहर में पिछले कुछ समय से संभ्रांत परिवारों के लोगों के साथ ब्लैक मेलिंग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। कुछ संगठित रूप से अपराध को कार्य करने वाले समूह संभ्रांत परिवार के लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैक मेलिंग की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। यह सब बीकानेर पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है । इस तरफ भी बीकानेर पुलिस का ध्यान न के बराबर है।
7. संगठित आपराधिक समूह (गैंग) – शहर में पिछले दो-तीन साल से कई अपराधिक संगठित गैंग अपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं । लगभग सभी अपराधी पुलिस के ध्यान में हैं बावजूद इसके इन अपराधियों द्वारा किए जा रहे गंभीर प्रवृत्ति के अपराधों पर अंकुश लगाने की दृष्टि से बीकानेर पुलिस कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। शहर में पिछले दिनों हुए डाकघर डकैती से लेकर विभिन्न तरह की लूटपाट व्यापारियों को धमकाया जाने की घटनाएं, चैन स्केचिंग और अवैध वसूली , रंगदारी जैसे अपराधों पर कोई भी प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है।
- कुल मिलाकर आमतौर पर शांत समझे जाने वाले शहर बीकानेर में जिस तरह से अपराधिक घटनाओं की बढ़ोतरी हुई है शहर में संगठित अपराधिक समूह अपराध कार्य कर रहे हैं अवैध हथियारों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है और लगभग रोजाना फायरिंग की घटनाएं भी हो रही हैं । नशे का कारोबार बदसूरत जारी है। सट्टे पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं हो रहा है और बड़ी अपराधिक घटनाओं के बावजूद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है यह इस बात को प्रमाणित करता है कि बीकानेर पुलिस अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं कर रही है ।
- इस ज्ञापन के माध्यम से बीकानेर के संभ्रांत नागरिक आपके ध्यान में लाना चाहते हैं कि जिस तरह से बीकानेर में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है वह बीकानेर पुलिस की निष्क्रियता को दर्शाता है । इस ज्ञापन के माध्यम से हम मांग करते है कि –
1. अभी अभी शहर में हुई फायरिंग की घटनाओं के मुल्जिमों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए ।
2. जिले में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रही संगठित आपराधिक समूहों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही अमल में लाई जाए । अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली जाए और एक विशेष शाखा के द्वारा इन संगठित आपराधिक समूहों को जड़मूल से खत्म करने की प्रभावी योजना बनाई जाए ।
3. अवैध हथियारों के विरुद्ध अभियान चलाकर अवैध हथियार पकड़े जाए और इसके व्यापार में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए ।
4. सट्टेबाजी के विरुद्ध ठोस अभियान चलाया जाए । इस कार्य में लिप्त लोगों पर कठोर कार्यवाही की जाए । पुलिस थानों के नवीनीकरण में सटोरियों के धन का इस्तेमाल बंद किया जाए तथा सट्टेबाजी में लिप्त लोगों का पुलिस थानों में आवागमन पर नजर रखी जाए ।
5. नशीली वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाई जाए और इस कार्य में लिप्त लोगों पर कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाए ।
6.अपराधियों के साथ सांठगांठ में लिप्त पुलिस के कर्मचारियों की निगरानी रखी जाए । दो साल से ज्यादा समय एक ही थाना क्षेत्र में जमे पुलिस कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाए और अपराधियों के साथ संलिप्तता रखने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए ।
7. सूदखोरों और ब्लेकमेलर्स संगठित समूहों जो पुलिस के संज्ञान में है उनके विरुद्ध ठोस कार्यवाही की जाए ।
शहर में पिछले दिनों हुए घटित अपराधों में मुल्जिमों की गिरफ्तारी न होना , न केवल चिंताजनक है वरन बीकानेर पुलिस को आईना दिखाने वाला है ।
- हम इस ज्ञापन के माध्यम से हम यह चेतावनी देते हैं कि अपराधिक घटनाओं के लिप्त मुल्जिमों को अगर गिरफ्तार नहीं किया जाता है और आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी कार्यवाही नहीं की जाती है तो बीकानेर की जनता बीकानेर पुलिस की अकर्मण्यता के खिलाफ बड़े जन आंदोलन का आगाज करेगी । सुरेंद्रसिंह शेखावत , सुभाष मित्तल , भंवर पुरोहित , डॉ अशोक भाटी , विक्रमसिंह भाटी।
