किसान आंदोलन के समर्थन में गहलोत सरकार के विधायक तीन को प्रदेशभर में देंगे धरना
Mayank Swami
जयपुर। किसान आंदोलन के समर्थन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने विधायकों और मंत्रियों की टीम को भी मैदान में उतरने के निर्देश दिए हैं। बुधवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई गई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 3 जनवरी को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में कांग्रेस के सभी विधायक और पदाधिकारी धरना देंगे। इसके बाद कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर 5 जनवरी से मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सप्ताहभर तक गांव-गांव जाकर’ किसान बचाओ-देश बचाओ’ अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि कृषि कानूनों को लेकर प्रदेश के तीन संशोधन विधेयक और 5 एकड तक जमीन वाले किसानों की जमीन को कुर्की से बचाने वाले विधेयक को अभी तक आगे नहीं भेजा गया इसके विरोध में भी कांग्रेस 3 जनवरी को धरना देगी। बैठक में कोविड, किसानों की बिजली के मुद्दे, बजट की तैयारियों, तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव और आगे की योजना और कार्यक्रमों पर चर्चा हुई, दो साल का रिव्यू करके आगे के लिए सभी मंत्रियों को कहा गया है कि अपने-अपने विभाग का रिव्यू कर लें कि नए साल में क्या-क्या प्रोग्राम हाथ में लेने हैं जो मैनिफेस्टो में हैं।
सीएम बोले- किसानों का ठंड में सड़कों पर रहना दुखद
सीएम अशाेक गहलाेत ने कहा कि वर्ष 2020 समाप्त होने को है। हम नए वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं, पूरा देश केंद्र सरकार और किसानों के बीच आज की वार्ता को लेकर सकारात्मक परिणाम का इन्तजार कर रहा था ताकि किसान अपने घरों को लौट सकें और अपने परिवारजनों के साथ नव वर्ष की खुशियां मना सकें, लेकिन दुर्भाग्य से सरकार का रुख नर्म नहीं हुआ और नतीजा 4 जनवरी को एक और वार्ता के रूप में सामने आया। यह दुःख की बात है कि आंदोलन कर रहे हमारे किसान भाई-बहन नव वर्ष का स्वागत कड़कड़ाती ठंड में, खुले में, सड़कों पर अपने घरों से दूर करेंगे। एक संवेदनशील और जवाबदेह सरकार यह कभी नहीं होने देती।