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अलवर कोरोना वायरस का टीका चार महीने पहले आ जाता तो अलवर शहर की शक्ति नगर कॉलोनी निवासी श्यामलाल भी उनके बीच में होते। श्यामलाल पूर्व सैनिक ही नहीं वे कॉलोनी के शेर थे। ऐसा कॉलोनी के लोगों का कहना है। असल में पूरी कॉलोनी के लोग श्यामलाल को बखूबी जानते हैं। वे कॉलोनी के सभी परिवारों के सुख दुख के समय में आगे रहने वालों में से थे। इसलिए लोग उनको खूब याद करते हैं।
पत्नी संतोष देवी पति को याद करते हुए आंसू रोक नहीं सकी
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श्यामलाल के बेटे विक्रम घर के बाहर मिले। उन्होंने मां को नीचे बुलाया। पूर्व सैनिक श्यामलाल की पत्नी व विक्रम की मां से जब यह पूछा कि कोरोना वैक्सीन पहले आ जाता ताे…इसके बाद उनकी आंखें भर आई। बोली वैक्सीन आ जाती तो हमारे घर की खुशियां आंगन में होती। पति के बारे में बोली उन जैसा कोई नहीं है। वे हमेशा सच के साथ खड़े रहते थे। कभी सोचा नही था कि वो 10 दिन बाद उनके बीच नहीं रहेंगे।
अस्पताल गए तब भी एक्सरसाइज करके गए
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पत्नी संतोष देवी ने कहा कि उनके पति श्यामलाल कोरोना पॉजिटिव आए उस दिन अस्पताल में जाने से पहले भी एक्सरसाइज करके गए थे। मतलब वो हमेशा एक्टिव थे। उनके जाने का गम हर पल है। परिवार में दो बेटे व दो बेटियां हैं लेकिन, उनकी जगह की पूर्ति करने वाला कोई नहीं है।
बेटा बोला वो तो वहीं थे
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बेटा विक्रम भी पिता के बारे में बताते हुए भावुक हो गया। बोला पिता की कमी को पूरा करने वाला कोई नहीं है। ये वैक्सीन कुछ महीने पहले आ जाती तो असल में पिता हमारे साथ में होते। यही नहीं न जाने कितने घरों में उजियारा होता।
