Jaipur: 7 जून से प्रदेश में एक बार फिर से स्कूल खुल चुके हैं लेकिन स्कूल सिर्फ शिक्षकों और स्टाफ के लिए खुले हैं. फिलहाल कोरोना के खतरे को देखते हुए फिलहाल बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जा रहा है लेकिन स्कूल खुलने के साथ ही एक बार फिर से निजी स्कूल प्रशासन और अभिभावक फीस को लेकर आमने-सामने होते हुए नजर आ रहे हैं.
ऑनलाइन पढ़ाई (Online Study) शुरू होने के साथ निजी स्कूलों द्वारा फीस के भुगतान की मांग तेज कर दी है, जिसके चलते एक बार फिर से कई जगहों से फीस भुगतान नहीं करने के चलते बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर करने की शिकायत मिलने लगी है. इसके बाद अभिभावकों ने सरकार को इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर अभिभावकों को राहत देने की मांग तेज कर दी है.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से निजी स्कूलों को पूरी फीस का हकदार करार दिया गया है लेकिन साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने फीस एक्ट के तहत फीस वसूली के निर्देश भी दिए थे, जिसकी पालना की जिम्मेदारी राज्य सरकार की तय की गई है. अभिभावकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने फीस एक्ट के तहत फीस वसूली के लिए निर्देश दिए थे, जिसकी पालना ना तो स्कूलों द्वारा की जा रही है और ना ही राज्य सरकार द्वारा इसकी पालना करवाने के कोई कदम उठाए जा रहे हैं.
ऐसे में एक बार फिर से स्कूलों ने फीस को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. पिछले डेढ़ सालों से कोरोना के चलते लोगों की माली हालत खराब है और दूसरी ओर निजी स्कूलों के चलते अब अभिभावक और बच्चे प्रताड़ित होने लगे हैं.”
