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प्रदेश में कृषि बिजली कनेक्शन पर किसानों को हर महीने मिलेगी एक हजार रुपए की सब्सिडी

 

जयपुर प्रदेश में किसानों को कृषि बिजली कनेक्शन पर हर माह 1000 रुपए की सब्सिडी मिलेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। इस योजना से सरकार पर 1450 करोड़ का वित्तीय भार आएगा। किसानों को इसका का फायदा मई से मिलना शुरू हो जाएगा।

इस स्कीम का फायदा मीटर्ड कृषि कनेक्शन पर ही मिलेगा। केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों और आयकर दाता कृषि उपभोक्ताओं को इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा। प्रदेश में 14 लाख 80 हजार 500 कृषि विद्युत कनेक्शन हैं।

किसानों को यह करना होगा: आधार-बैंक खाते को योजना से जुड़वाना होगा

मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना का फायदा लेने के लिए किसानों को अपना आधार संख्या व बैंक खाते को योजना से जुड़वाना होगा। बिजली बिल समय पर जमा करवाना होगा। बिजली बिल बकाया होने पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। बकाया बिल का पेमेंट करने पर अनुदान राशि अगले बिल में देय होगी। योजना लागू होने के महीने से पहले की बकाया बिल राशि को सब्सिडी में समायोजित नहीं किया जाएगा।

यदि कोई किसान बिजली का कम उपभोग करता है और उसका बिल एक हजार रुपए से कम है तो वास्तविक बिल व सब्सिडी राशि का अंतर उसके बैंक खाते में जमा करवाया जाएगा। इससे किसान में बिजली की बचत को प्रोत्साहन मिलेगा।

ऐसे समझें : इस तरह से मिलेगा फायदा
यदि किसी किसान का बिजली बिल 900 रुपए आता है, तो उसे 60 प्रतिशत यानि 540 रुपए डायरेक्ट सब्सिडी मिल जाएगी। किसान को 40 प्रतिशत बिल 360 रुपए जमा करवाना होगा। सरकार 1000 रुपए की सब्सिडी देने के लिए 460 रुपए किसान के बैंक खाते में सब्सिडी जमा करवा देगी। यदि बिल 2000 का आएगा तो 60 प्रतिशत सब्सिडी बनती है, लेकिन सब्सिडी की अधिकतम सीमा एक हजार रुपए ही है। ऐसे में किसान का एक हजार रुपए का बिल जमा करवाना होगा।

मुख्यमंत्री गहलोत ने बजट में की थी घोषणा
सीएम गहलोत ने इस साल बजट में हर साल 12 हजार रुपए की सब्सिडी देने की घोषणा की थी। बिजली वितरण कंपनियों की ओर से सब्सिडी राशि हस्तांतरण के लिए वर्ष 20-21 के आय-व्ययक अनुमानों में 750 करोड़ रु. का प्रावधान टैरिफ सब्सिडी मद में शामिल किया है। पिछली भाजपा सरकार ने सालाना 10 हजार की सब्सिडी शुरू की थी, लेकिन एक साल पहले यह स्कीम बंद हो गई थी।