जयपुर(Rajasthan live 24×7) । राजस्थान शैक्षिक सेवा नियम 2021 के अनुसार वरिष्ट अध्यापक से स्कूल व्याख्याता पद की पदोन्नति हेतु यूजी व पीजी में समान विषय की अनिवार्यता के रखी गई है। शिक्षा विभाग में बकाया दो सत्रों की पदोन्नति नए सेवा नियमों में बिना किसी संशोधन व बिना किसी शिथिलन किए जून माह में करने की मांग की जा रही है। इस मांग को लेकर सातवे दिन भी यूजी पीजी समर्थक संघर्ष समिति के बैनर तले शिक्षा संकुल के आगे धरना व क्रमिक अनशन जारी रहा।समिति जल्द पदोन्नति करवाने की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी,खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास,सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, कृषि विपणन मंत्री मुरारी लाल मीणा, मंत्री शकुंतला रावत,राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित माध्यमिक शिक्षा निदेशक गौरव अग्रवाल सहित राज्य सरकार के मंत्री,विधायक व विभाग के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके है। सभी ने उचित कार्यवाही का भरोसा दिया है।
नए सेवा नियम से राज्य के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी लेकीन अन्य विषयों से पीजी करने वाले शिक्षको अपने स्वार्थ के लिए ने राजस्थान शैक्षिक सेवा नियम 2021 में संशोधन कराने व शिथिलन चाहने के लिए धरना प्रदर्शन किए जिसके चलते शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला द्वारा वरिष्ठ अध्यापक से स्कूल व्याख्याता डीपीसी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है जो गलत है क्योंकि नया सेवा नियम कैबिनेट से पास हुआ है ओर शिक्षा मंत्री ने पदोन्नति प्रक्रिया को बिना कैबिनेट की मंजूरी के रुकवा दिया जो राज्य के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत लाखों मेधावी विद्यार्थियों के साथ धोखा है अगर पदोन्नति जून माह में हो जाती है तो सभी स्कूलों में व्याख्याता मिल जाते।
