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भरतपुर जिले में मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दो लोगों को 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। जिसमें औषधि नियंत्रक कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर नवीन गोयल और पवन गोयल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। जिसमें मेडिकल की दुकान लाइसेंस देने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। एसीबी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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एसीबी ने बताया कि परिवादी ने सूचना दी थी कि उसने औषधि नियंत्रक कार्यालय में मेडिकल की नई दुकान का लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था। इस दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर नवीन ने फाइल ऑनलाइन कर एडीसी चंद्रप्रकाश से मुआयना कराने की एवज में 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। जिसने कहा कि मुआयना होने के बाद ही डीएल नंबर जारी किया जाएगा।
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मामले की जानकारी मिलने के बाद एसीबी द्वारा सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी नवीन द्वारा परिवादी से कहा गया कि मैने एडीसी (एडिश्नल ड्रग कंट्रोलर) साहब से बात कर ली है। तुम मुझे पैसे दे जाना। मैं काम करवा दूंगा।
रिश्वत लेकर भाई को दिए पैसे
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जिसके बाद मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। आज परिवादी 10 हजार रुपए आरोपी नवीन को देने पहुंचा। नवीन ने रिश्वत के 10 हजार रुपए लेकर पास ही बैठे अपने भाई पवन को दे दिए। पवन ने पैसे अपनी पेंट की जेब में रख लिए थे। जिसे एसीबी ने बरामद किया।
