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कोविड लाकडाउन के दौरान 7-8 युवाओं की टीम ने राजस्थानी भाषा के संरक्षण एवं प्रचार के लिये एक नई पहल की शुरू

 

राजस्थानी भासा अकादेमी नाम के ट्रस्ट की स्थापना कर उन्होंने ‘द सीखो राजस्थानी प्रोजेक्ट’ का ऐलान किया है जिसके तहत राजस्थानी भाषा को ओनलाइन सीखने का पहला कोर्स खड़ा किया गया है। अकादेमी के काम में अग्रसर हैं प्रोफेसर दलपत राजपुरोहित, जो कि यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट ऑस्टिन में असिस्टंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं एवं श्री विशेष कोठारी जो वित्त सलाहकार एवं लेखक हैं । इसके अतिरिक्त नेहा मालू, गिरिराज बोहरा एवं कुलदीप राजपुरोहित भी जुड़े हुए हैं। जानेमाने भाषा विशेषज्ञ प्रोफेसर गणेश देवि अकादेमी को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। इस कोर्स के लिये केवल भारत के विभिन्न भागों से ही नहीं, बल्कि विश्व के विभिन्न देशों से रूचि जागती दिख रही हैं।

अब अकादेमी इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 3 अगस्त को करने जा रही है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जोधपुर के महाराजा गज सिंहजी होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति के अंतरराष्ट्रीय संयोजक श्री प्रेम जी भंडारी और राजस्थान फाउंडेशन के कमिशनर श्री धीरज श्रीवास्तव guest of honor Hongay अमेरिका के शिकागो यूनिवर्सिटी के भक्ति कालीन साहित्य के विशेषज्ञ प्रोफेसर टायलर विलियम्ज़़ एवं पोलेँड की राजस्थानी भाषा एवं साहित्य विशेषज्ञ प्रोफेसर अलेक्जेंड्रा टूरेक भी इस कार्यक्रम में जुड़ेंगी।